ताप विद्युत की दूसरी यूनिट बनाने का कार्य किया गया प्रराम्भ, बिहार को मिलेगा उत्पादित बिजली का 85%

पहले यूनिट का कार्य जून 2023 तो दूसर का जनवरी 2024 में होगा पूरा

बक्सर अप टू डेट न्यूज़|चौसा :- जिला स्थित 1320 मेंगा वाट की ताप विद्युत परियोजना की दूसरी यूनिट का निर्माण कार्य मंगलवार को प्रारम्भ कर दिया गया।जिसका शुभारंभ SJVN के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नन्दलाल शर्मा द्वारा निगम के शिमला स्थित निगम मुख्यालय से वर्चुवल विधि से किया गया। इस अवसर पर निर्माण स्थल पर निगम के निदेशक (विद्युत) सुशील शर्मा एवं परियोजना के CEO संजीव सूद STPL के वरिष्ठ अधिकारियों सहित उपस्थित रहे। बताया गया कि परियोजना की 660 मेगावाट की कुल दो ईकाईयों में से पहली ईकाई का कार्य लगभग 50 % पूरा कर लिया गया है। जिसमे पहली की कमिशनिग जून 2023 एवं दूसरी ईकाई की जनवरी 2024 निर्धारित की गई है।

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PMOतथा केन्द्रीय विद्युत मंत्री के द्वारा होती है मॉनिटरिंग

बता दे कि देश के पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा 1320 मेगावाट बक्सर ताप विद्युत परियोजना की आधारशिला 09 मार्च 2019 को रखी गई थी। जिसकी मॉनिटरिंग पीएमओ तथा माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री के कार्यालय द्वारा परियोजना प्रगति की निरन्तर की जा रही है।नन्दलाल शर्मा ने परियोजना से सम्बद्ध सभी हित धारकों को परियोजना कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये एवं इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं स्थानीय जनता को परियोजना के प्रति उनके सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया।

उत्पादित बिजली का 85 प्रतिशत बिहार को दिया जाएगा

जनकारी के अनुसार लगभग 11,000 करोड़ रूपए की लागत वाली अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल बक्सर ताप विद्युत परियोजना को एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनी एसजेवीएन थर्मल प्रा० लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। कमीशनिंग के पश्चात् विद्युत संयंत्र 9828 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन करेगा। बिहार सरकार के साथ विद्युत क्रय करार के अनुसार संयंत्र से उत्पादित बिजली का 85 प्रतिशत बिहार को दिया जाएगा।

स्थानीय क्षेत्र का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा

परियोजना के CEO ने बताया कि एसटीपीएल परियोजना निर्माण के साथ-साथ परियोजना क्षेत्र में एसजेवीएन फाउन्डेशन के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल विकास, सामुदायिक संपत्तियों का विकास, स्वच्छता से सम्बन्धित अनेकानेक सीएसआर गतिविधीयों का भी संचालन कर रहा है। परियोजना के परिचालित होने पर स्थानीय क्षेत्र का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा तथा पूरे बिहार प्रदेश में खुशहाली के एक नए युग का सुत्रपात होगा।

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