वृक्ष मधुर फल, शीतल छाया के साथ हमें सिखाते हैं परोपकार के संस्कार : डॉ. भगवान

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- पर्यावरण एवं जंतु विज्ञान विद डा. भगवान मिश्र ने कहा कि प्राकृतिक पर्यावरण के हरित-वसुंधरा का आच्छादन तभी सकारात्मक सार्थक संभव है, जब पारिवारिक एवम् सामाजिक मानसिकता में प्राकृतिक – पर्यावरणीय -पारिस्थितिकी के प्रति जागरूकता में स्थायी परिवर्तन हो जाए एवम् जिसे वंशानुगत अथवा वंशानुक्रम परम्परागत अवधारणा बन जाए ।student lone buxar

अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, सरकारी, तथा गैर-सरकारी संगठनों एवम् संस्थाओं के द्वारा वर्ष में एकदिवसीय वैश्विक पर्यावरणीय प्रोटोकॉल का अनुसरण कर कार्यालयी-कार्यान्वयन के स्तर पर विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर सामूहिक शैशव पौधा-रोपण हीं केवल उचित नहीं है । यह सिर्फ पर्यावरण के प्रति जगत-जाहिर जागरूकता का दिखावा मात्र है । शैशव पौधे को एक वृक्ष बनने तक की अवधि एवम् अवस्था सेवा, सुरक्षा, संरक्षण एवम् देख-रेख करना ही एक कुशल पर्यावरण -प्रेमी कहलाता है ।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पर्यावरण को सचमुच धरातल पर लाना एक टेढी खीर साबित हो रही है ।

वैश्विक जल,थल, वायु प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग,एसिड रेन, स्मोक, स्मोग, फौग आदि से बचाव हेतु पर्यावरण जागरूकता को इन्कार नहीं किया जा सकता है ।पौराणिक एवम् धार्मिक आस्थाओ तथा अवधारणाओं से यह स्पष्ट होता है कि कलियुग काल में प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवनकाल में कम-से-कम एक फलदार एवम् एक छायादार वृक्ष लगाना कई यज्ञों तथा अश्वमेध यज्ञों का फल प्राप्त होते हैं ।

कहा कि यदि भारतवर्ष के सम्पूर्ण जनसंख्या का पचास फीसदी भी जनसंख्या प्रत्येक वर्ष एक शैशव पौधा से एक वृक्ष बनने तक की अवधि में योगदान देने की मानसिकता बनाने का काम करें तब एक दिन हमारा भारत , वैश्विक स्तर पर एक पर्यावरणीय सम्पन्न राष्ट्र माना जायेगा एवम् हमारी दुनिया की आवो-हवा बिल्कुल शुद्ध एवम् संतुलित हो जाएगी । हम एवम् हमारे आहार-विहार तथा विधि-व्यवहार बिल्कुल शत-प्रतिशत विशुद्ध एवम् संतुलित हो जाएगी ।

इन पारिवारिक अवसरों पर करें पौधरोपण:

  • नवजात शिशु के जन्म दिन पर
  • बच्चों के वर्षगांठ/ जन्म दिवस पर
  • वैवाहिक समारोह दिवस पर
  • वैवाहिक वर्षगाँठ दिवस पर
  • श्राद्ध तथा श्राद्धवर्षी दिवस पर
इन सामाजिक अवसरों पर करें पौधरोपण:
  • वार्षिक एवम् अर्द्धवार्षिक त्योहारों पर
  • समाजिक व्रतों एवम् त्योहारों पर
  • आदर्श व्यक्तियो के जयंती पर
  • राष्ट्रीय दिवसो पर
  • अन्तर्राष्ट्रीय दिवसो पर

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