चौसा युद्धस्थली को सजाने व सवारने का कार्य अंतिम चरण में ,बनाया जा रहा है आकर्षक पार्क

लोगो के लिए खोलने की तैयारी जोरों पर,नववर्ष पर परिवार के साथ इस पार्क का उठा सकेंगे लुफ्त

बक्सर अप टू डेट न्यूज़/चौसा :- शहर और आसपास के लोगों को नए वर्ष पर घूमने के लिए एक और ठिकाना बनकर तैयार होने के अंतिम चरण में है। अबतक लोग बक्सर व विभिन्न शहरों के पार्क में ही परिवार के साथ घूमने जाते थे। नए वर्ष पर चौसा का शेरशाह पार्क शहर व आसपास के गांव के लोगों को लुभाएगा। चौसा के लोग नए वर्ष पर परिवार के साथ इस पार्क का लुत्फ उठा सकते हैं। पार्क में विभिन्न तरह के फूल और फलदार पेड़-पौधे के अलावे बच्चों के मनोरंजन की भी भरपूर व्यवस्था की जा रही ।

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विभिन्न तरह के झूले, स्लाइडर और मनोरंजन के अन्य साधन भी होंगे। डीएम अमन समीर की पहल पर चौसा युद्ध स्थली के अच्छे दिन आ गए है।इस स्थल को मनरेगा व विशेष योजना के तहत पार्क बना कर सजाने व सवारने की कवायदा तेजी से किया जा रहा है। इन पार्क में ऐसा माहौल भी तैयार किया गया है कि लोग सुकून के कुछ पल यहां बिता सकें ।

पार्क के चारों तरफ टहलने के लिए रास्ता बनाया गया है और उसके दोनों तरफ क्यारियों में रंग-बिरंगे फूल लगाए गए हैं। चौसा नगर पंचायत स्थित शेरशाह शुरी युद्ध स्थली पर बन रहे पार्क अब अपने अंतिम चरण में है।जिसकी देख रेख के लिए अभी से ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है।ग्रामीणों में भी चौसा के इतिहास से विख्यात इस स्थली पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित होने व इसको गोबर के टीले व भैंस का तबेला से निजात दिला एक सुंदर पार्क के रूप में तब्दील करने पर हर्ष है।लोग जिला अधिकारी व चौसा मनरेगा पीओ की इस कार्य की सराहना कर है।

मुगल गार्डन के तर्ज पर बनेगा शेरशाह गार्डन

वर्षो से वीरान पड़ा चौसा इतिहास के नाम से प्रशिद्ध चौसा का लड़ाई मैदान पर बन रहे आकर्षक पार्क का एक हिस्सा शेरशाह गार्डन के नाम से बनाया जा रहा है।जिसे मुंगल गार्डन के तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।इस स्थल को सुंदर रूप रेखा देने की भूमिका निभा रहे मनरेगा पीओ अजय सहाय द्वारा बताया गया कि शेरशाह गार्डन में मखमली घांस के अलावे इस गार्डन में अनेक प्रकार के फूल देखे जा सकते हैं जिसमें गुलाब, गेंदा, स्वीट विलियम आदि सैकड़ो प्रकार के फूल शामिल हैं।

पेड़ पर बनाया जा रहा सेल्फी पॉइन्ट होगा आकर्षक

बात दे कि डीएम अमन समीर के दिशा निर्देश पर चौसा में पर्यटकों के बढ़ावा को देखते हुए शेरशाह युद्धस्थली स्थित विशालकाय पेड़ की टहनियों पर जगह जगह लोहे का झोपड़ी नुमा ठहराव बनाया जा रहा है।जिस पर जाने के लिए लोहे की मजबूत सीढ़िया तैयार किया जा रहा है।जहां से लोग इस स्थली के आसपास के आकर्षक वातवरण का दीदार कर सकेंगे।बता दे कि चौसा शेरशाह शुरी की युद्धस्थली के आसपास बहुत ही मनमोहक दृश्य है।स्थली के पश्चिम में जहां कैमूर की पहाड़ियों से पहुंची कर्मनाशा नदी देश की पवित्र नदी गंगा में मिलने को बेताब है।तो वंही उतर में कलकल कर बहती गंगा नदी सभी को लुभाती है।

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