स्वर्णिम विजय वर्ष के उपलक्ष पर स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन का आयोजन

भारतीय फ़ौज की ऐतिहासिक शौय गाथा स्वर्णिम विजय दिवस एवं आज़ादी का अमृत महोत्सव हेतु 1700 किलोमीटर कि स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- भारतीय, वर्ष 1971 को इसलिए कभी भूल नहीं सकते कि भारतीय सैनिकों के समक्ष पाकिस्तानी सैनिको ने आत्मसमपर्ण कर दिए थे। 19 दिसम्बर भारतीय सेना के इतिहास के पटल पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखित यह शौर्य गाथा है। उस दिन हमारी सेना ने एक प्रस्ताव के माध्यम से पाकिस्तानी सैनिक जो बांग्लादेश की स्वतंत्रता का विरोध कर रहे थे, को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया|

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आत्मसमर्पण हुआ भी वह भी 92,000 सैनिकों ने अपने अस्त्र शस्त सहित हथियार डाल दिए। भारतीय सैनिक मानवीय मूल्यों के साथ द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत इतनी बड़ी संख्या में दुश्मनों के सैनिकों का उतना ही मान सम्मान के साथ समर्पण स्वीकार्य किया, उन्हें अपने ही जैसे गरिमा के साथ रखा तथा उतने ही सम्मान के साथ उन्हें वापस भेजा। यह विजय का स्वर्णिम विजय दिवस के रूप में हमारे दिलो दिमाग में अंकित हो गया। हमने इस स्वर्णिम विजय दिवस के कुल 50 वर्ष इस वर्ष पुरे कर किए है।

एक बटालियन से दुसरे बटालियन को हस्तानांतरित होगा

साइकिल यात्रा बिहार के प्रायः सभी जिलो में एन०सी०सी की जो यूनिट है उन्हें छूती, झकझोरती हुई अपनी इस स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन को पूरा करेगी। साइकिल यात्रा का नेत्वित्व करने वाला कैडेट एक स्मृति स्तम्भ ले कर चल रहा है जो एक बटालियन से दुसरे बटालियन को हस्तानांतरित होगा है जिस बटालियन को यह स्मृति स्तम्भ दिया जायेगा इसके साथ साथ एन०सी०सी उड़ान के वालिकाओ का एक दल स्वर्णिम विजय दिवस के स्वर्णिम पन्ने शीर्ष से जुड़ी एक लघु नाटिका भी पुरे मार्ग में प्रदर्शित करेगी तथा अपने विजय गाथा का सन्देश विभीन्न बाजारों, चौक चौराहों, विद्यालय महाविद्यालयों में देकर जागरूक करेगी। हमारा उद्देश्य है भारतीय सेना के पराक्रम एवं शौर्य गाथा को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन मानस के

महा साइकिल जागरूकता अभियान जिसमे 20 वालिका कैडेट है एवं 20 वलक कैडेट्स है साथ ही साथ सांकृतिक जथा जिसमे 13 कैडेट्स मौजूद है, पुरे 30 दिनों के यात्रा के बाद 19 दिसम्बर को प्रातः पटना स्मृति स्तम्भ को लिए हुए पहुचेगी।स्मृति चिन्ह पटना में 19 दिसम्बर को आयोजित हाफ मैराधन जिसका आयोजन एनसीसी निदेशालय बिहार एवं झारखण्ड द्वारा किया जा रहा है, को सुपुर्द करेंगे तथा मैराथन में शामिल होंगे।

मौके पर एन०सी० सी उड़ान के अध्यक्ष धीरज कुमार ने कहा कि स्वर्णीम विजय वर्ष के उपलक्ष् पर तरह कि स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन का आयोजन एक महत्वपूर्ण कदम है एन०सी०सी उड़ान ए एन०सी०सी निदेशालय बिहार एवं झारखण्ड कि ओर से कार्यक्रम कि रुपरेखा के तहत इन्होने कहा ये साइक्लोथॉन बिहार के 9 अनुमंडलों में अवस्थित सभी एन०सी०सी युनिटो का भ्रमण करेगी तथा म में पड़ने वाले विभिन्न शैक्षिक/ धार्मिक जगहों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हमारे भारतीय सेना के गाथा का चित्रण करेंगे।

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