केवीके द्वारा आयोजित हुआ एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य शिविर

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- कषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर द्वारा संचालित परियोजना “जलवायु समुत्थानशील कृषि पर राष्ट्रीय नवाचार परियोजना” अन्तर्गत चयनित ग्राम-कुकुढ़ा में एक दिवसीय “पशु स्वास्थ्य शिविर” का आयोजन किया गया।

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इस कार्यक्रम मे डॉ0 प्रदीप रे, वैज्ञानिक (पशु चिकित्सा विज्ञान, भा.कृ.अनु.प. का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना) ने पशुपालकों को जानकारी दी कि वर्षा मौसम एवं बाढ़ के बाद पशुओं में गला-घोंटू, खुरपका-मुँहपका, पाचन संबंधी व थनैला जैसी बीमारी से प्रभावित होने की संभावानायें बढ़ जाती है। जिससे पशु दुग्ध उत्पादन में कमी के साथ साथ उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।

पशुओं को कृमि नाशक दवा (फेमेनडाजोल) वयस्क पशुओं के लिए 03 ग्राम तथा छोटे पशुओं को उनके शारीरिक वजन के अनुरूप मात्रा में गुड़ या रोटी के साथ मिलाकर दिया जाना चाहिए। डॉ0 ज्योति, वैज्ञानिक (पशु चिकित्सा विज्ञान, भा.कृ.अनु.प. का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना) ने इस समय मौसम के बढ़ते तापमान एवं आर्द्रता के प्रभाव से पशुओं में बाह्य कृमि जैसे जूँ व किलनी के प्रभाव एवं उसके उपाय किसानों को बताया। 02 मि0ली0 टैक्टिक दवा को पानी के साथ मिलाकर प्रभावित पशुओं को लगाने से बीमारी से राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञ एवं परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ0 देवकरन ने पशु चारा प्रबंधन हेतु एम पी चरी, मक्का, बरसीम एवं बहुवर्षीय चारा हेतु सी0ओ0-3 व 4 के उत्पादन की तकनीकी जानकारी उपस्थित पशुपालकों को दी।

शिविर मे उपस्थित डॉ0 शंभु शरण भ्रमणशील पशु चिकित्सक इटाढ़ी प्रखंड ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही पशु संबंधी विविध परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी किसानों को दी।शिविर में उपस्थित पशुपालकों के पशुओं का उपचार एवं निदान पशु वैज्ञानिकों द्वारा किया गया तथा पशुओं के लिए विविध औषधियों का वितरण भी किया गया। पशुपालक उर्मिला देवी, सतेन्द्र चौधरी, संजय चौधरी, अखिलेश सहित अन्य 63 पशुपालकों ने अपने पशुधन के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

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