राज्यों से आने वाले लोगों को 21 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटरों में रखना अनिवार्य

बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि अन्य जिलों अथवा राज्यों से आने वाले आप्रवासी कामगारों मजदूरों को 21 दिनों तक क्वारंटीन सेंटरों रखना है।

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बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- जिला पदाधिकारी अमन समीर की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी, अंचलाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, अनुमण्डल पदाधिकारी के साथ बैठक आहूत की गई बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि अन्य जिलों अथवा राज्यों से आने वाले आप्रवासी कामगारों मजदूरों को 21 दिनों तक क्वारंटीन सेंटरों रखना है।

इसके लिए क्वारंटीन सेंटर में सभी व्यवस्था आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देश के आलोक में सुनिश्चित की जानी है। आने वाले कामगारों एवं मजदूरों को संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके लिए पंचायत स्तर भी पर क्वारंटाइन सेंटरों के लिए जगह चिहिन्त करने को कहा गया। प्रखण्डों के वरीय प्रभारी पदाधिकारीगणों को विहित प्रपत्र देकर प्रतिदिन अपने अधीनस्थ प्रखण्डों के सभी कोरोनटाइन सेंटरों का भ्रमण कर प्रतिवेदन देने को कहा गया।

प्रत्येक कोरोनटाइन सेंटरों पर खाने की उत्तम व्यवस्था

प्रत्येक कोरोनटाइन सेंटरों पर खाने की उत्तम व्यवस्था करने को कहा गया। इसके लिए मीनू की भी जानकारी दी गई। क्वारंटीन सेंटरों में आने वाले प्रत्येक पुरूष/महिला एवं बच्चों को अलग अलग डिगनिटी किट दिया जाएगा। प्रत्येक किट में दैनिक प्रयोग में आने वाली वस्तुए दी जाएगो। सामग्रियों के नाम इस प्रकार से हैं- सभी के लिए थाली, गिलास, कटोरी, साबुन (नहाने एवं धोने का), तेल, कंधी, टूथब्रश, टूथ पेस्ट, ऐनक, दूध का पैकेट अथवा पाऊडर। पुरूषों के लिए परिधान हेत लुंगी, गंजी, गमछा, महिलाओं के लिए साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट, सेनेटरी नैपकिन एवं बच्चों के परिधान के लिए बच्ची को फॉक एवं बच्चा को पैन्ट दिया जाना है।

अभी तक सामानों को प्रखण्ड स्तर खरीद कर दिया जा रहा था। परन्तु क्वालिटी में एकरूपता हेतु अब जिला स्तर पर केन्द्रीकृत व्यवस्था के तहत सामानों को क्रय कर सभी प्रखण्डों में भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में कुल 1500=00 (पन्द्रह सौ) सामानों का किट तैयार करवाकर सभी प्रखण्डों को उपलब्ध करवा दिया गया है। अभी कुल तीन प्रखण्डों में दस पंचायत स्तरीय क्वारंटीन केन्द्रों में कुल 68 व्यक्ति रह रहे हैं। प्रखण्ड स्तरीय क्वारंटीन सह आपदा केन्द्र में कुल 35 स्थलों पर 2003 व्यक्ति रह रहे हैं।

690 पैकेट विभिन्न अंचलों में वितरित किया गया

आपदा प्रबंधन शाखा के द्वारा कुल 690 पैकेट विभिन्न अंचलों में वितरित किया गया है। जिला पदाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि भारत सरकार के द्वारा तय माप दण्ड के अनुसार चिहिन्त रेड जोन, ऑरेंज जोन एवं गोन जोन वाले राज्यों के जिलों से आने वाले व्यक्तियों को उसी अनुरूप रखने की व्यवस्था करें। रेड जोन क्षेत्रों से आने वालो को एक जगह रहने की व्यवस्था सुनिश्चत करने को कहा गया। प्रतिदिन रेड जोन से आने वाले कामगारों में से वृद्ध एवं पूर्व से किसी गंभीर बीमार से ग्रसित व्यक्तियों का सैम्पल टेस्ट प्राथमिकता के आधार पर भेजने को कहा गया।

डाटाबैंक तैयार करेंगे श्रम विभाग के पदाधिकारी

जिन व्यक्तियों का सैम्पल टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। वे रिपोर्ट आने तक मेडिकल क्वारंटाइन मं रहेंगे क्वारंटीन सेंटरों में आने वाले कामगारों का स्कूल मैपिंग करने को कहा गया। इस कार्य में श्रम विभाग के पदाधिकारी डाटाबैंक तैयार करेंगे। ताकि जिनको जिस कार्य में दक्षता हासिल है, उसे वही काम दिलाया जा सके। आने वाले वैसे कामगार जिनके पास जॉब कार्ड नहीं होगा, उसे भी जॉब कार्ड बनवा कर काम दिया जाएगा। अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर एवं डुमराव को लॉक डाउन का अनुपालन कड़ाई से करवाने को कहा गया।

दिए गए समय के अनुसार दुकानें खुलें एवं बंद हो इसके लिए पेटोलिंग सख्ती से करने को कहा गया। अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटरों पर आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा निर्देश के अनुरूप व्यवस्था नहीं करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त बक्सर, अपर समाहर्ता बक्सर, प्रखण्डों के वरीय प्रभारी पदाधिकारीगण, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी उपस्थित थे।

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