किसान अधिकार मंच ने गेहूं /धान की खरीद में लगाया गड़बड़ी का आरोप

बिहार सरकार व किसानों की लड़ाई पटना हाईकोर्ट में पहुचीं गड़बड़ी को लेकर कई तरह के प्रमाण दिये गए हैं।

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ /चौसा :- बिहार सरकार और किसानों के बीच की लड़ाई अब पटना हाईकोर्ट पहुंच गई है। सहकारिता विभाग के खिलाफ किसान संगठन ने PIL दायर किया है। किसान अधिकार मंच ने गेहूं खरीद में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि किसानों के नाम पर वैसे लोगों से गेहूं खरीदा गया है, जो सरकारी कर्मचारी हैं।PIL में किसानों की तरफ से गड़बड़ी को लेकर प्रमाण भी दिए गए हैं।

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किसानों की मानें तो गेहूं अधिप्राप्ति में सरकारी कर्मचारियों को भी किसान बताकर उनसे गेहूं खरीदा गया है। बक्सर के चौसा प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका को किसान बताकर उससे गेहूं खरीदा गया है। यही नहीं, PDS दुकानदारों से भी खरीदारी की गई है।

किसानों का कहना है कि सहकारिता विभाग के अधिकारियों व पैक्स की मिलीभगत से किसानों से मामूली खरीद की जा रही है और अधिकांश खरीद बिचौलियों के माध्यम से की जा रही है। जिसके कारण बिहार सरकार द्वारा निर्धारित समय के बाद भी किसानों का गेंहू पैक्स नही ले पाया ।बार बार किसानों से विभिन्न प्रकार के बहाने बना किसानों को वापस करता रहा।जिसके कारण किसानों को धान की खेती करने के लिए अपने गेंहू को औने पौने दामों में बेचना पड़ा।जिसका नतीजा यह हो रहा है कि कर्जदार किसान दिन पर दिन कर्जदार होते जा रहे है।

पैक्स व प्रशासन की मनमानी की शिकायत सरकार के पास भी किये लेकिन जब सरकार भी नही सुनी तो मजबूर किसान पहुंच गये हाईकोर्ट ,इस खेती के सीजन में जिन किसानों को खेत मे हल चलाते,खेत की रोपाई करते,खेत की सिंचाई करते नजर आना चाहिये था वह किसान आज मजबूर होकर अपने हक की लड़ाई के लिए हाई कोर्ट के दरवाजे पर जा कर खड़ा हो गया है।

राशन कार्ड धारी से की गयीं है खरीदारी

किसानों द्वारा हाईकोर्ट में दर्ज पीआईएल में सबूत पेश किया गया है कि पैक्स द्वारा ऐसे लोगों से धान व गेंहु की खरीद की गई है जो स्वयं खाद्य सुरक्षा अधिनिय के तहत पीडीएस दुकान से राशन उठता है। साथ पीडीएस दुकानदार, सरकारी कर्मचारी,आगनबाड़ी सेविका,मनरेगा जॉब कार्ड धारी इत्यादि लोगो से क्षेत्र में धान व गेंहु की खरीद की गयी है।जिसका साक्ष्य किसानों द्वारा दर्ज पीएल

पिछले साल की तुलना रिकॉर्ड हुई है खरीदारी में

सहकारिता विभाग के आंकड़े के मुताबिक, बिहार में इस साल किसानों से गेहूं की रिकॉर्ड खरीद हुई है। पिछले साल केवल 3710 मीट्रिक टन गेहूं खरीद करनेवाली सहकारिता विभाग ने इस बार साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गेंहू की खरीद की है। पिछले साल केवल 980 किसानों से गेहूं खरीद करने वाले विभाग ने इस बार 96 हजार से ज्यादा किसानों से गेहूं खरीद की है।

आंकड़ों में जानिए गेहूं खरीद की स्थिति

किसनो द्वारा बताया गया कि इस बार लक्ष्य था सात लाख मीट्रिक टन की जबकि 4.43 लाख मीट्रिक टन की इस बार खरीद हुई है।जो लक्ष्य का 63.30 फीसद है।जबकि गेहूं की कुल कीमत 875 करोड़ 18 लाख रुपये है।कैश क्रेडिट लिमिट 929 करोड़ था।जिसमे लाभान्वित किसानों की संख्या 93,849 है।जिसमे अब तक कुल 69088 किसानों को 671 करोड़ 34 लाख रुपए का भुगतान हुआ है।

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