सीताराम विवाह महोत्सव के दूसरे दिन हुआ जय-विजय लीला का मंचन

बक्सर अप टू डेट न्यूज़/बनारस(बक्सर):- सिय पिय मिलन महोत्सव 52 वाँ के दूसरे दिन प्रभु श्री राम के धरा-धाम पर अवतरण के प्रयोजन का मंचन हुआ।कार्यक्रम विश्व विख्यात संत नेहनिधि नारायण दास भक्तमाली मामा जी महाराज के प्रथम शिष्य श्री रामचरित्र दास जी महाराज, रामलीला व्यास आचार्य श्री नरहरिदास जी महाराज, सिया दीदी के देख रेख तथा श्री संत प्रेम सरोवर बरसाना धाम श्री रामरज दास जी महाराज के सानिध्य में चल रहा है।

med bed buxar copy
विज्ञापन

अवतार प्रयोजन अर्थात जय विजय लीला अंतर्गत दिखाया गया कि प्रभु अपने अवतरण हेतु मानव के कल्याणार्थ धरती पर अवतार लेते हैं।बैकुंठ में शेष सैया पर पौढ़े श्री नारायण की सेवा लक्ष्मी मैया चरण दबाकर कर रही हैं। श्री लक्ष्मी जी के मन में ये इच्छा होती है कि कभी प्रभु की कठोरता भी देखूं। क्योंकि प्रभु के चरण चापते हुए कोमलता तो देख ही रही हूं। प्रभु को लक्ष्मी जी के मन की बातों का एहसास हो जाता है कि ये हमारी कठोरता देखना चाहती हैं। तो वे अपने द्वारपाल प्रिय पार्षद जय और विजय को बुलाते हैं और अपने ऊपर गदा से प्रहार करने के लिए कहते हैं। जय विजय उनकी इस आज्ञा को मानने से इनकार कर देते हैं।ततपश्चात प्रभु उन द्वारपालों को वापस भेज देते हैं। उसके बाद वे अपनी माया को बुलाते हैं और उनसे कहते हैं कि चारों ऋषि कुमारों अर्थात सनकादिक कुमारों को अपने चरण रज की धुली से आकर्षित कर हमारे द्वारपालों तक पहुंचा दीजिए।
प्रभु के आज्ञानुसार माया घटना घटाती हैं और सनकादिक कुमार आकर्षित हो जाते हैं और प्रभु के दर्शन हेतु तुरंत प्रस्थान कर देते हैं। प्रभु के द्वार पर पहुँचते ही सनकादिक कुमारों को जय और विजय द्वारा रोक दिया जाता है।

तीन जन्म तक असुर बनने का श्राप

जय विजय द्वारा रोके जाने पर सनकादिक कुमार क्रोधित हो जाते हैं और उन्हें तीन जन्म तक असुर बनने का श्राप दे देते हैं। उसके बाद सनकादिक कुमार और जय विजय को अपनी- अपनी गलती का एहसास होता है। तब प्रभु पहुँचते हैं और उनके अफसोस को अपनी लीला/इच्छा बताते हैं और कहते हैं कि आप लोग तीन बार तीन जन्म तक असुर कुल में अवतार लेंगे और मैं चार बार धरती पर अवतार लेकर तुमलोगों का उद्धार करूँगा। पहले जन्म में हिरण्यकश्यप और हिरण्याक्ष के रूप में अवतार लोगों उस समय मैं नृसिंह और वराह रूप में अवतरित होऊँगा जबकि दूसरे जन्म में रावण और कुम्भकरण के रूप में अवतार लोगे तो मैं राम रूप में अवतरित होकर उद्धार करूँगा और तीसरे जन्म में कंस और शिशुपाल बनकर अवतार लोगो तो मैं कृष्ण बन कर अवतरित होऊँगा, आपलोगों का उद्धार करूँगा।इस तरह से प्रभु के धरा धाम पर अवतरण और लक्ष्मी जी को अपनी कठोरता दिखाने का अवसर प्राप्त हुआ।

कलाकार की भूमिका

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विष्णु भगवान-कुश, लक्ष्मी-दिलीप, जय- लालजी, विजय-सौरभ,प्रहलाद-प्रियांशु, सनक-प्रियांशु, सनन्दन-अगस्त, सनातन-सानिध्य, सनत्वकुमार-प्रदुम्न, ब्रह्माजी-बचाजी, इंद्र-पिंटू, नारद-श्याम प्रकाश, मनु -नमोनारायण रहे। वही कार्यक्रम में मीडिया सहयोगी नीतीश सिंह, रविलाल, नंदबिहारी, बाँके, अरविंद, रामू, राजेश, गोपाल शर्मा, रामबचन, अनिमेष, सरोज, रामकृपाल सिंह, जयशंकर तिवारी,रागनी, स्तुति, कुंदन, शुक्ला जी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

Share:

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on pinterest
Pinterest
Share on linkedin
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Social Media

Most Popular

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Categories

On Key

Related Posts

Test with Block Editor

Bihar Board Inter Admit Card Download आवश्यक सूचनाइंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2022 के लिए फाइनल एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है बिहार बोर्ड के द्वारा

Test

Bihar Board Inter Admit Card Download Test   आवश्यक सूचना इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2022 के लिए फाइनल एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है बिहार

जिला परिषद अध्यक्ष विद्या भारती तो उपाध्यक्ष बनी नीलम देवी

जिला परिषद अध्यक्ष विद्या भारती तो उपाध्यक्ष बनी नीलम देवी

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :-जिला निर्वाचन पदाधिकारी(पं०)-सह-जिला पदाधिकारी बक्सर श्री अमन समीर की अध्यक्षता में समाहरणालय अवस्थित सभाकक्ष में जिला परिषद पद के निर्वाचित

Back to top button
Insatall APP
live TV
Search
facebook