गंगा जी में ना फेंके शव नहीं तो नदी के साथ परंपरा भी होगा दूषित :एसडीओ

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- सभी पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी केके उपाध्याय ने कहा की सभी वार्ड में अपनी-अपनी पंचायतों में आज से निकलें और यह मुहिम चलाएं कि कोई भी व्यक्ति गंगा जी में लाश नहीं फेके। बक्सर के किसी भी व्यक्ति की बहती गंगा में लाश नहीं दिखे। यह भी सबको प्रण लेने के लिए अपील करिए कि कोई भी व्यक्ति गंगा में न तो लाशों को फेंके/ प्रवाहित करें और ना ही कोई मृत पशुओ को गंगा में प्रवाहित करें। इससे न केवल गंगा जी प्रदूषित होती हैं बल्कि हमारी आदि काल से चली आ रही परंपरा भी दूषित होती है।student lone buxar

हम सभी को यह प्रण लेना होगा कि किसी भी स्थिति में चाहे जितनी परेशानी हो , चाहे जितनी गरीबी हो, हम गंगा जी में अपने परिजनों की लाशों को नहीं फेकेंगे ।

कबीर अंत्येष्टि योजना के अंतर्गत ₹3000 देने का प्रावधान

गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत कबीर अंत्येष्टि योजना के अंतर्गत ₹3000 देने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त नगर क्षेत्र में और ग्रामीण क्षेत्र में कोविड-19 से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था पंचायत के माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी और कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद को करने का निर्देश भी सरकार और जिलाधिकारी की तरफ से है और नगर परिषद द्वारा यह कार्य किया भी जा रहा है।

पंचायतों में भी आपके द्वारा कई मामलों में यह कार्य किया जा रहा है, लेकिन इसकी सघन निगरानी की जरूरत है कि प्रत्येक गरीब परिवार को निश्चित रूप से ₹3000 की राशि , मृत होते ही दे दी जाए । यह सभी पंचायत सचिव सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और सभी मुखिया जी की जवाबदेही है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति को, यदि वह गरीबी रेखा के अंतर्गत है तो उसको तत्काल ₹3000 की कबीर अंत्येष्टि की राशि दी जाए।

अंचल अधिकारी अपने अपने क्षेत्र के सभी शवदाह वाले स्थानों का करे निरीक्षण

जनप्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी केके उपाध्याय ने कहा की अपने अपने क्षेत्र के आपके अच्छे बुरे समय में साथ रहनेवाले, आपके कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले लोगों को अंतिम समय में न छोड़ें । कृपया सभी एकजुट हों और एक मुहिम चलाएं कि हर वह व्यक्ति जो हमारे क्षेत्र का है, अगर मर गया है तो वह हमारे परिवार का है।सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी इसकी सघन मॉनिटरिंग करें।

इस संबंध में शतप्रतिशत अनुपालन कराए जाने की आवश्यकता है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी अपने अपने क्षेत्र के उन सभी शवदाह वाले स्थानों का निरीक्षण करें और वहां जो भी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है उसको उपलब्ध कराएं। यह यदि लकड़ी उपलब्ध कराने की आवश्यकता है तो लकड़ी उपलब्ध कराएं , उसका ग्रामीण स्तर पर 350 -400 रू प्रति मन दर निर्धारित करें।

यदि वहां प्रखंड स्तर से, पंचायत स्तर से कर्मचारी प्रतिनियुक्त करने की आवश्यकता है तो उसको प्रतिनियुक्त करें । इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय के स्तर से पूर्व में भी निर्देश दिया गया है उसका शतप्रतिशत पालन कराए जाने की आवश्यकता है। इसमें किसी भी स्तर पर अगर कोई लापरवाही बरतता हुआ पाया जाए तो उसको रिपोर्ट करिए, उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई होगी।

कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद भी सख्ती से इसकी मॉनिटरिंग करें , किसी भी परिस्थिति में मुक्तिधाम में कोविड-19 से मरने वालों को अपने स्तर से एक भी पैसे की राशि न देनी पड़े। इसके अतिरिक्त प्रखंड विकास पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी पंचायतों में जाकर के लोगों को जागरूक भी करेंगे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button