मानव शक्ति की कमी से स्वास्थ्य सुविधाएं पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रही :डाँ अरुण

बक्सर अप टू डेट न्यूज़/चौसा :- यदि तय मानक के अनुसार मानव शक्ति की उपलब्धता रहती तो चौसा प्रखंड निवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जा सकता था। यह बातें चौसा प्रखंड प्रभारी डाक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा कहा गया। student lone buxar

लगभग सवा लाख की आबादी निवास करने वाले चौसा प्रखंड में मानव शक्ति की कमी से स्वास्थ्य सुविधाएं पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा है।चौसा प्रखंड में मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है। जबकि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरेंजा एवं सोनपा कुल दो संख्या में हैं। जबकि स्वास्थ्य उपकेंद्र कुल छह की संख्या में हैं।जो रामपुर,डिहरी, गोसाईंपुर,सिकरौल,बनारपुर एवं पवनी में स्थापित किया गया हैं।

स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की जिम्मेदारी ए एन एम के जिम्मे दी गई हैं।

सभी स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की जिम्मेदारी ए एन एम के जिम्मे दी गई हैं। जबकि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरेंजा में एक एमबीबीएस चिकित्सक एवं एक आयुष चिकित्सक पदस्थापित है।जो संयोगवश दोनों चिकित्सक व्यक्तिगत कारणों से छुट्टी पर हैं। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरेंजा में भी एक एमबीबीएस एवं एक आयुष चिकित्सक पदस्थापित है।सरेंजा में पदस्थापित एमबीबीएस चिकित्सक को पीएचसी चौसा में भी रोगियों को चिकित्सा करनी पड़ती है। पीएचसी में एक एमबीबीएस एवं एक डेंटल सर्जन पदस्थापित हैं।

चौसा पीएचसी में पदस्थापित प्रभारी डाक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि चौसा प्रखंड में कुल 12ए एन एम,2की संख्या में ममता एवं कुल 89आशा द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को देने का कार्य किया जा रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना के टीकाकरण पर उन्होंने बताया कि 18प्लस आयु वर्ग को लगभग 20%एवं 45प्लस आयु वर्ग को 30.91%टीकाकारण किया जा चुका है।यदि बक्सर जिला में टीकाकरण की रैंकिंग की बात की जाए तो चौसा प्रखंड दूसरे स्थान पर हैं।

एक जिज्ञासा के समाधान हेतु उन्होंने कहा कि यदि मानक के अनुसार मानव शक्ति की उपलब्धता रहती तो स्वास्थ्य विभाग से किसी को भी कोई शिकायत का मौका नहीं मिलता।एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मानक के अनुसार प्रसव हेतु पीएचसी में छह ए एन एम की आवश्यकता है। लेकिन यहां पर केवल दो ए एन‌ एम कार्यरत हैं।इस तरह स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से पूरी तरह सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

वर्तमान में टीकाकरण एवं अन्य कार्य हेतु ए एन एम को स्वास्थ्य उपकेंद्र पर नियमित रूप से उपलब्धता नहीं हो पा रही है।जिस कारण से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी हमारा प्रयास है कि सरकार द्वारा उपलब्ध कर्मचारियों एवं संसाधनों से बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं रोगियों को उपलब्ध कराई जाए।इसके लिए पीएचसी पर मुख्य रुप से ध्यान दिया जा रहा है कि यहां पर नियमित एवं व्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो। अतः पंजीकरण,दवा वितरण,रोगी जांच,कोरोना जांच सहित अन्य सुविधाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।जो भी स्वास्थ्य सुविधाएं में कमियां होगी, उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। @वीरेंद्र पाण्डेय की रिपोर्ट

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