नदी में हानिकारक बैक्टीरिया है मौजूद,ऑक्सीजन की भी पायी गयीं कमी

बक्सर में गंगा नदीं का कोरोना टेस्ट आया निगेटिव, गंगा नदी के पानी का सैम्पल का किया गया था RT PCR से जांच

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- गंगा नदी के पानी में कोरोना नहीं है। गंगा नदी के विभिन्न घाटों से लिए गए सभी सैंपलों की RT PCR रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। हालांकि, गंगा जल में हानिकारक बैक्टीरिया मिले हैं। पानी में ऑक्सीजन की भी कमी मिली है। राहत की बात यह है कि इसका जलीय जीवों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। IITR ( भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान) लखनऊ ने दो फेज में यह जांच की थी। जिस दौरन बक्सर के भी चौसा बक्सर व सेमरी के घाटों से भी जल का सैम्पल जांच के लिए लिया गया था।जांच के बाद इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गई है।

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रिपोर्ट से पहले दो फेज में लिया गया था सेम्पल

बता दे कि गंगा में बहते शवों के बाद गंगा नदी की स्वच्छता पर सवाल खड़े हो गए थे।जिसको लेकर नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा ने यूपी और बिहार के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और आईआईटीआर लखनऊ को गंगा जल की जांच का जिम्मा सौंपा था। पहले फेज में 24 मई से 6 जून तक सैंपल लिए गए दूसरे फेज की सैंपलिंग 10 जून से 21 जून के बीच पूरी हुई। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार हुई है।आईआईटीआर के प्रभारी निदेशक प्रो. एसके बारिक ने भास्कर को बताया कि गंगा नदी की आरटी पीसीआर रिपोर्ट तो निगेटिव रही। लेकिन कुछ फिजिको केमिकल पैरामीटर्स मानक से ज्यादा पाए गए।

गंगा जल न नहाने लायक न पीने लायक

मिली जनकारी अनुसार आईआईटीआर के सीनियर साइंटिस्ट खुद की निगरानी में पीपीई किट पहनकर सैंपलिंग में शामिल हुए। कुछ स्थानों पर नाव पर चढ़ कर बीच धारा में सैंपल लिया गया। वैज्ञानिकों के रिसर्च में गंगाजल में ई- कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी हर सैंपल में पाया गया। जो इंसानों और पशुओं के पेट में हमेशा रहता है। इसके ज्यादातर रूप नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे हैं जो पेट में मरोड़ और दस्त जैसे लक्षण पैदा करते हैं। कई बार इनकी वजह से किडनी काम करना बंद कर देती हैं और मरीज की मौत हो जाती है।हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट किया कि इससे जलीय जीवों को फिलहाल कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है। लेकिन, मनुष्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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