विकराल रूप में गंगा :खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर गंगा का जलस्तर

लगातार हो रही बारिश के कारण भी गंगा व सहायक नदियों में बढ़ा पानी का दबाव, अलर्ट जारी

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि आसपास के इलाकों में विकराल रूप लेती जा रही है। नदी के तटीय इलाकों में सड़क एवं घरों में पानी घुसने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें गंगा का जलस्तर में प्रति घंटे दो से 3 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी लगातार हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार खतरे का निशान 60.32 मीटर पर है, लेकिन दर्ज किए गए जलस्तर के अनुसार नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है। खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

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रामरेखा घाट में विवाह मंडप पूरी तरह से डूब गया है । नाथ बाबा मंदिर पर भी नाले के समकक्ष पानी बह रहा है। पीपी रोड स्थित छूमंतर गली में भी गंगा का पानी प्रवेश करने के बाद कई घरों में पानी घुस गया है। वहीं शहर के सत्यदेव मील स्थित मुख्य नाले में पानी का दबाव बढ़ने लगा है। कुछ ऐसा ही हाल उत्तरी भारत व पहाड़ी इलाकों का भी है। जिसके कारण अब गंगा व उसकी सहायक नदियों का जल स्तर बढ़ने लगा है। बारिश का आलम यह है कि अब गंगा का जलस्तर और तेजी से बढ़ने लगा है।

एक अगस्त को शाम 3 बजे तक गंगा का जलस्तर 55.21 सेंटीमीटर पहुंच गया था। वही, 2 अगस्त को 3 बजे तक 1.68 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई थी जिनमे जलस्तर 56.89 सेंटीमीटर मापा गया था। बढ़ते जलस्तर के कारण तटबंधों की निगरानी की जा रही है।

लगतार बढ़ रही गंगा जलस्तर को लेकर शुरू की जा चुकी हैं सभी तैयारियां :

गंगा व सहायक नदी में उफान से जिला प्रशासन की नींद उड़ गयी है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से अलर्ट जारी कर दिया है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार अभी थमने का नाम नही ले रही है। 6 अगस्त शाम 3 बजे गंगा के जल स्तर 59.54 सेंटीमीटर चेतावनी बिंदु को पार करते हुए 78 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

बाढ़ के संभावित खतरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां की जा रही है। वहीं, तटबंधों की सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया है। बाढ़ ग्रस्त इलाकों के लिए विशेष व्यवस्था करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में पदस्थापित अधिकारियों को हर समय तैयार रहने को कहा गया है। ताकि, बाढ़ के खतरे को देखते हुए पीड़ित लोगों तक हर तरह की सहायता तुरंत पहुंचायी जा सके।

गंगा किनारे बसे हुए गाँव के लोग हैं परेशान :

गंगा के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए गंगा किनारे बसे लोगों की धड़कन तेज हो गयी है। जिले के 28 ग्राम पंचायतों की आबादी तबाह तबाह की स्थिति में है। इसको लेकर शरण स्थलों का चयन किया जा रहा है़।

इसके साथ ही सरकारी नावों के साथ जिला प्रशासन का करार किया जा रहा है। ताकि, आपातकालीन स्थिति में तुरंत बाढ़ पीड़ित लोगों को राहत पहुंचायी जा सके। जिन स्थलों का चयन किया जा रहा है, वहां पर जेनेरेटर, टेंट, पेट्रोमैक्स, शौचालय, पेयजल का व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जिला आपदा प्रबंधन के अनुसार जिले में बाढ़ के दौरान बीमारियों से निबटने के लिए मानव एवं पशुओं की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें। हर तरह की परेशानी से निबटने के लिए जिला प्रशासन तैयार है।

प्राइवेट नावों का संचालन रहेगा बंद

संभावित बाढ़ की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों के अंचलाधिकारी से भौतिक स्थिति की जानकारी ली। जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारी को निदेश दिया कि नावों को तैयार रखे साथ ही सख्त निदेश दिया कि प्राइवेट नावों का संचालन बंद रहेगा केवल प्रशासन की देख-रेख में ही नावों का परिचालन होगा।

जिला पशुपालन पदाधिकारी बक्सर को निदेश दिया गया कि मवेशी का शरणस्थल की व्यवस्था एवं पर्याप्त मात्रा में पशुचारा की व्यवस्था सुनिश्चित रखें। सिविल सर्जन बक्सर को निदेश दिया गया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य संबंधित किसी भी परिस्थिति में निपटने को तैयार रहें। सिविल सर्जन ने बताया कि दवाईयाँ, कर्मी, ब्लीचिंग पाउडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जिला पदाधिकारी महोदय ने प्रभारी पदाधिकारी आपदा शाखा बक्सर को निर्देश दिया कि अंचलाधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त कर वस्तु स्थिति का आकलन कर प्रतिदिन प्रतिवेदन उपलब्ध करायें।

मध्य स्कूल बनारपुर को शरणस्थली के रूप में किया गया चिहिन्त

अंचलाधिकारी चौसा ने बताया कि मध्य स्कूल बनारपुर को शरणस्थली के रूप में चिहिन्त किया गया है। बैठक में उप विकास आयुक्त बक्सर, अपर समाहर्ता बक्सर, सिविल सर्जन बक्सर, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला परिषद अध्यक्ष बक्सर, जिला स्तरीय पदाधिकारीगण एवं वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए अनुमण्डल पदाधिकारी बक्सर/डुमराँव, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अंचलाधिकारी उपस्थित थे।

गंगा का जलस्तर एक नजर

चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर
खतरे का निशान 60.32 मीटर
वर्तमान जलस्तर 60.66 मीटर (9 अगस्त शाम 5 बजे)
जलस्तर बढ़ने की रफ्तार 2 -3 सीएम/1 घन्टा

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