डीजीपी से लगाई थी गुहार,एक सप्ताह बाद मिली आशीष का शव

डीजीपी से आशीष की रिहाई के लिए लगाई थी गुहार,एक सप्ताह बाद मिली आशीष का शव | आशीष की बरामदगी के लिए एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने स्पेशल टास्क फोर्स का किया था गठन, नही आई काम

बक्सर अप टू डेट न्यूज़/डुमराव :- डुमरांव टेक्सटाइल कॉलोनी का रहने वाला पूर्व सैनिक गजेंद्र तिवारी के पुत्र आशीष कुमार को 7 अगस्त को शाम 3:30 में डुमराव काली मंदिर पर आयोजित वार्षिक पूजा मेला देखने के लिए गया था। वही से उसका अपहरण कर लिया गया था. अपहरणकर्ताओ ने 9 तारीख को आशीष के ही मोबाइल से फोन कर फिरौती की 30 लाख रकम की मांग की थीं। उसी के आधार पर परिजनों ने डुमराँव थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई।पर सब धारा का धारा रह गया और वही एक सप्ताह बाद मिली आशीष का शव |

परिजनों ने डीजीपी से आशीष के रिहाई के लिए लगाई थी गुहार,पर नही आई काम

आशीष की रिहाई के लिए परिजनों ने डीजीपी से गुहार लगाई लेकिन वह भी काम नहीं आया . बढ़ते दबाव में एसपी ने आशीष की बरामदगी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन भी किया था।पर वो भी काम नही आया। आज 24 अगस्त शनिवार को आशीष का डेड बॉडी डुमराँव बाईपास रोड से सटे बिजली बिभाग ऑफिस के पीछे अधनिर्मित घर से बरामद हुआ है।

शव मिलते ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया । पूरे शहर में छाया मातम

मिली जानकारी के अनुसार दो तीन पहले से उधर से दुर्गंध आ रही थी लेकिन लोग पानी लगने से कोई जानवर मरा होगा समझ कुछ किसी से कह नही रहे थे. शव देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कई रोज पहले ही उसकी हत्या कर के शव को अधनिर्मित घर मे साक्ष्य छुपाने के नियत से फेक दिया गया है।
मौके पर पहुंचे पिता ने अपने पुत्र के चपल कपड़ा से शव की पहचान कर ली है. उन्होंने बताया कि वह शव आशीष का ही है. मुख्यालय डीएसपी अरुण कुमार गुप्ता ने परिजनों के आधार पर इसकी पुस्टि की एव शव को पटना फोरेंसिक जांच के लिये भेजा जा रहा है।
भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पिंकी पाठक ने इस घटना के कड़े शब्दों मे निंदा की | वही इस दुःख की घडी मे परिवारजनों को संबल प्रदान करे |

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