एक किलो से नीचे की मछली मारने वाले मछुवारों पर होगी करवाई,जाल बेचने वाले दुकानदार भी होंगे चिन्हित

बक्सर अप टू डेट न्यूज़|चौसा :- प्रखण्ड के चौसा रानी घाट पर भोजपुर वन प्रमंडल के द्वारा डॉल्फिन(सोंस) दिवस पर मनाया गया।जिसकी अध्यक्षता वन क्षेत्र पदाधिकारी प्रेम कुमार केशरी द्वारा किया गया।जंहा क्षेत्र के वनकर्मी के साथ गंगा किनारे के मछुवारे भी सैकड़ो की संख्या में मौजूद रहे।

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अधिकारियों द्वारा गांगेय डॉलफिन के बारे में जनकारी देते हुए इस जीव को बचाने की अपील की गई। साथ ही इसे मारने वाले पर कानूनी करवाई करने की बात कही गयी। बताया गया कि गंगा नदी में पाए जाने वाले ये स्तनधारी जीव गंगा नदी की शुद्धता की संकेत है।इसलिए इनको मारना अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही छोटी छोटी मछलियों को मारने वाले मछुवारों पर भी करवाई की बात कहीं गयीं।क्यो की छोटी मछलियां डॉल्फिन का आहार है।

गंगा नदी की शुद्धता के है सूचक

डॉल्फिन दिवस पर मछुवारों को जनकारी देते हुए बताया गया कि सोंस गंगा नदी की शुद्धता के सूचक है।हालांकि प्राकृतिक आवास में घटती संख्या के कारण भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय जलीय जंतु घोषित किया है।इस धरोहर को बचाना आवश्यक है।क्योंकि इसे देखने के लिए विदेशी पर्यटक आ रहे हैं। हम सभी लोगों का यह कर्तव्य बनता है कि अगर किसी के द्वारा सोंस को हानी पहुंचाया जा रहा है तो पहले उसे समझाए तथा बाद में कानून के बारे में जानकारी दें।बताया गया कि गंगा डॉल्फिन का शिकार करना प्रतिबंधित है।इसे मरना एक दण्डनीय व गैर जमानती अपराध है।

छोटी -छोटी मछलियां मारने वाला पर होगी करवाई

दिवस कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों द्वारा बताया गया कि एक केजी से छोटी मछलियां डॉल्फिन की आहार होती है।लेकिन अधिकतर मछुवारों द्वारा इन छोटी छोटी मछलियों को गंगा नदी से निकाल लिया जाता है।जिससे इसके भोजन की संकट गहरा सकती है।इसलिए आगे से छोटी मछलियों को मारने वाले लोगो पर करवाई होगी साथ ही वैसे जाल बनाने वाले दुकानदारों को भी चिन्हित कर करवाई किया जाएगा।

संकटग्रस्त की श्रेणि में रखा गया है इस जीव को

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रेम कुमार ने कहा की डॉल्फिन जिसे आपलोग स्थानीय भाषा में सोंस कहते हैं, हमारी देश की धरोहर है।भोजपुर वन प्रमंडल में आने बाले गंगा नदी की धार में लगभग 87 सोंस (डाल्फिन) हैं।इसलिए गंगा डॉल्फिन को IUCN की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त की श्रेणि में रखा गया है।जिनकी सुरक्षा प्रदान करने भागलपुर जिले में विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभ्यारण्य की स्थापना की गई है।

जागरूकता कार्यक्रम में सैकड़ो मछुआरों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया तथा नदी, सोंस एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी उपस्थित जन समूह के साथ यह सपथ लिया की न हम नदी को प्रदूषित करेंगे और नहीं किसी को प्रदूषित करने देंगे सोंस के संरक्षण में अपना सहयोग देंगे।तथा नदियों में लोगों को कचडा फेंकने से मना करेंगे।कार्यक्रम में वन विभाग चौसा के उत्तम कुमार, बक्सर से गुड्डु कुमार सिंह,उमरेश कुमार,नीतीश कुमार,दिलीप कुमार,उपस्थित रहे।

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